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Technology News: OpenAI में उदय रुड्डाराजू को बड़ी जिम्मेदारी, AI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की संभालेंगे कमान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | OpenAI ने भारतीय मूल के उदय रुड्डाराजू को कंप्यूट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार की जिम्मेदारी सौंपी है। जानिए xAI से उनका जुड़ाव, सचिन कट्टी की जगह उनकी नियुक्ति और AI डेटा सेंटर विस्तार की रणनीति।

सैन फ्रांसिस्को: ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने भारतीय मूल के टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव उदय रुड्डाराजू को कंप्यूटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इस बदलाव के बाद वह कंपनी की बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरतों, डेटा सेंटर नेटवर्क और एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को चलाने वाले तकनीकी ढांचे से जुड़े काम की अगुवाई करेंगे। AI क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह नियुक्ति कंपनी की भविष्य की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


उदय पहले से OpenAI में कंप्यूट से जुड़े नेतृत्व की भूमिका निभा रहे थे। अब उनकी जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ाया गया है। वह सचिन कट्टी की जगह इंफ्रास्ट्रक्चर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। रिपोर्टों के मुताबिक, कट्टी आने वाले हफ्तों में इस भूमिका से हटेंगे, लेकिन सलाहकार के रूप में कंपनी से जुड़े रहेंगे।


कौन हैं उदय रुड्डाराजू?


उदय रुड्डाराजू भारतीय मूल के टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा हैदराबाद के Chaitanya Bharathi Institute of Technology से शुरू हुई, जहां उन्होंने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की University of Minnesota से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।


उन्होंने अपने करियर में eBay और Robinhood जैसी कंपनियों में काम किया। बाद में वह एलन मस्क की AI कंपनी xAI से जुड़े। वहां उन्होंने बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग से संबंधित काम किया। इस अनुभव ने उन्हें उन तकनीकी व्यवस्थाओं को समझने का अवसर दिया, जिनकी मदद से बड़े AI मॉडल विकसित और संचालित किए जाते हैं।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उदय जुलाई 2025 में OpenAI से जुड़े थे। जुलाई 2026 में उन्हें कंप्यूट के लिए चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) की जिम्मेदारी दी गई। अब इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार की कमान भी मिलने से कंपनी के तकनीकी विस्तार में उनकी भूमिका और व्यापक हो गई है।


OpenAI में क्या काम करेंगे उदय?


आज AI मॉडल तैयार करना केवल सॉफ्टवेयर लिखने या एल्गोरिदम विकसित करने तक सीमित नहीं है। बड़े मॉडल को प्रशिक्षित करने और लाखों उपयोगकर्ताओं तक सेवाएं पहुंचाने के लिए शक्तिशाली प्रोसेसर, विशाल सर्वर नेटवर्क, तेज कनेक्टिविटी, स्टोरेज और पर्याप्त बिजली की जरूरत होती है।


उदय की जिम्मेदारी इसी पूरे ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी है। उन्हें कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर संचालन को बेहतर बनाने और जरूरी तकनीकी संसाधन जुटाने से जुड़े काम की निगरानी करनी होगी। प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारियां और डेटा सेंटर से संबंधित परियोजनाएं भी इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।


ChatGPT और अन्य AI सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने से OpenAI पर अधिक कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध कराने का दबाव है। ऐसे में कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके पास नए मॉडल विकसित करने और मौजूदा सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए पर्याप्त क्षमता मौजूद हो।


सचिन कट्टी की जगह क्यों हुआ बदलाव?


सचिन कट्टी OpenAI में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम का नेतृत्व कर रहे थे। इससे पहले वह Intel में चीफ टेक्नोलॉजी और AI ऑफिसर रह चुके हैं। OpenAI में उनकी भूमिका के दौरान बड़े डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ा।


रिपोर्टों में ओहियो में SB Energy और Nvidia के साथ जुड़े आठ गीगावाट क्षमता वाले प्रस्तावित प्रोजेक्ट का उल्लेख किया गया है। जॉर्जिया में डेटा सेंटर से संबंधित योजनाएं भी कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का हिस्सा रही हैं। कट्टी के सलाहकार के रूप में बने रहने से उनके अनुभव का उपयोग कंपनी आगे भी कर सकती है।


उदय को जिम्मेदारी सौंपे जाने का अर्थ यह है कि कंपनी अब कंप्यूटिंग तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालन को अधिक एकीकृत नेतृत्व के तहत आगे बढ़ाना चाहती है। हालांकि, इस बदलाव के पीछे कंपनी की आंतरिक रणनीति के सभी विवरण सार्वजनिक नहीं हैं।


GPT-Infra पहल में भी बदलाव


OpenAI की GPT-Infra पहल का उद्देश्य यह समझना है कि कंपनी के AI मॉडल का उपयोग चिप डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे क्षेत्रों में किस तरह किया जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस पहल की जिम्मेदारी अब कंपनी के चिप प्रमुख रिचर्ड हो के अधीन आएगी।


इस बदलाव से कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और चिप तकनीक से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा दिखाई देता है। AI कंपनियों के लिए केवल अधिक कंप्यूटिंग क्षमता हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है; उन्हें ऐसे हार्डवेयर और तकनीकी सिस्टम भी चाहिए, जो अधिक कुशलता से काम कर सकें।


AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की तैयारी


AI की वैश्विक दौड़ में डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता पर होने वाला खर्च लगातार चर्चा में है। OpenAI को भी अपने मॉडल और सेवाओं की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी संसाधन जुटाने होंगे।


पहले की मीडिया रिपोर्टों में 2030 तक कंप्यूटिंग पर करीब 600 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान सामने आया था। बाद की रिपोर्टों में इससे भी बड़े संभावित खर्च का उल्लेख किया गया है। ऐसे आंकड़े भविष्य के अनुमानों को दर्शाते हैं, न कि पूरी रकम खर्च हो जाने की पुष्टि करते हैं।


Nvidia जैसे चिप निर्माताओं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर साझेदारों के साथ सहयोग इस विस्तार में अहम भूमिका निभा सकता है। डेटा सेंटर तैयार करने के साथ बिजली, कूलिंग, नेटवर्किंग और हार्डवेयर की उपलब्धता भी बड़ी चुनौतियां हैं। उदय को इन जरूरतों के बीच तकनीकी और व्यावसायिक तालमेल बनाए रखने पर काम करना होगा।


AI की प्रतिस्पर्धा में क्यों अहम है यह नियुक्ति?


AI उद्योग में प्रतिस्पर्धा अब केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि किस कंपनी का मॉडल बेहतर जवाब देता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि कौन-सी कंपनी पर्याप्त कंप्यूटिंग संसाधन जुटा सकती है, मॉडल को तेजी से प्रशिक्षित कर सकती है और बड़ी संख्या में लोगों को अपनी सेवाएं उपलब्ध करा सकती है।


उदय रुड्डाराजू का xAI में अनुभव और OpenAI में कंप्यूटिंग से जुड़ा काम इसी चुनौती के लिए उपयोगी हो सकता है। फिर भी उनकी नियुक्ति के नतीजे कंपनी की परियोजनाओं की प्रगति, संसाधनों की उपलब्धता और बढ़ती मांग को संभालने की क्षमता से ही स्पष्ट होंगे।


भारतीय मूल के इस एग्जीक्यूटिव को मिली जिम्मेदारी उनके करियर का बड़ा कदम है। OpenAI के लिए यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय आया है, जब AI के अगले चरण में मॉडल विकसित करने के साथ उन्हें चलाने वाला विशाल तकनीकी ढांचा भी निर्णायक बनता जा रहा है।


डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट प्रकाशित मीडिया जानकारी पर आधारित है। निवेश और कंप्यूटिंग खर्च से जुड़े आंकड़े अनुमान हो सकते हैं तथा समय के साथ बदल सकते हैं।

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